घटिया सामग्री के उपयोग का आरोप, ग्रामीणों ने जांच और पुनर्निर्माण की मांग उठाई
अक्कासर। गांव के सरकारी इंग्लिश मीडियम स्कूल में निर्माणाधीन भवन कार्य की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष फैल गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि स्कूल भवन के निर्माण में खुलेआम घटिया सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे भविष्य में बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। मौके पर मौजूद ग्रामीण सोहन लाल भादू, भगीरथ भादू, दिलसुख गोदारा सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाले ग्रिट में आधी रेत मिलाई जा रही है, जिससे मिश्रण की मजबूती बुरी तरह प्रभावित हो रही है। यही नहीं, सीमेंट और सरियों की मात्रा भी निर्धारित मानकों से कम बताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार द्वारा गुणवत्ता से लगातार समझौता किया जा रहा है, जिससे निर्माण कार्य की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि स्कूल के कमरे के प्रांगण में तीन दिन पहले डाला गया चट्टा हाथों से ही उखड़ रहा है, जिसे देखकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता का स्तर साफ झलकता है। उन्होंने कहा कि यदि अभी से स्थिति ऐसी है तो भविष्य में भवन कितने समय तक सुरक्षित रह सकेगा, इसका अनुमान लगाया जा सकता है। ग्रामीणों ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ठेकेदार ने किस प्रकार की सामग्री का उपयोग किया, कितना मानक पूरा हुआ और किस तरह निर्माण प्रक्रिया अपनाई गई—इन सभी बिंदुओं की गहन जांच होनी चाहिए।
ग्रामीणों ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक पहले से हुआ निर्माण पुनः नहीं कराया जाता, तब तक वे आगे का निर्माण कार्य शुरू नहीं होने देंगे। ग्रामीणों का कहना है कि यह विद्यालय गांव के बच्चों के भविष्य से जुड़ा हुआ है और इसकी मजबूती एवं सुरक्षा पर कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की, तो ग्रामीण आंदोलन करने को भी तैयार हैं।