सवाई माधोपुर में तेज बारिश से हालात बिगड़े, 200 से ज्यादा घरों में घुसा पानी

भरतपुर।  राजस्थान में सवाई माधोपुर में लगातार तेज बारिश होने से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह से हो रही बारिश के बाद छह से ज्यादा कॉलोनियों के 200 से ज्यादा घरों में पानी घुस गया। ऐसे में लोग बचने के लिए घर की छतों पर चढ़े हुए हैं। कुशालीदर्रा स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग 552 पर तेज बहाव में कार बह जाने से इंदौर के मोंटी तंवर (20) की मौत हो गयी।

तेज बारिश के चलते रेल पटरियों के पानी मे डूब जाने से सिग्नल प्रणाली खराब हो गयी। ऐसे में जयपुर-दिल्ली और मुंबई जाने वाली रेलगाड़ियां प्रभावित हुई हैं। इस दौरान तीन रेलगाड़ियों को स्टेशन से पहले ही रोक दिया गया, जबकि दो एक घंटे से ज्यादा समय की देरी से चली।

लगातार बारिश के बाद रणथम्भौर बाघ अभयारण्य में भी सफारी को रोक दिया गया है। सवाई माधोपुर में देर रात से चल रही बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात को देखते शनिवार को कलेक्टर ने जिले में विद्यालयों में छुट्टियां घोषित कर दी है। सवाईमाधोपुर और आसपास के क्षेत्र के सेंकड़ों गांव जलमग्न होने के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग और मेगा हाईवे सहित कई अन्य प्रमुख मार्ग भी अवरुद्ध हैं।

भारी बारिश से बरनाला तहसील क्षेत्र में भी स्थिति बिगड़ गयी है। मोरेल नदी पर स्थित टिगरिया-निमोद गांव की सड़क के पानी में बह जाने से करीब 40 गावों का संपर्क कट गया है। बाटोदा में बाजार के जलमग्न होने के साथ कई मकानों एवं दुकानों में पानी घुस गया है। बैरखड़ी गांव में सड़क क्षतिग्रस्त होने के साथ क्षेत्र के सभी नदी नाले उफान पर है। भारी बारिश के बाद जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित है। सूरवाल बांध के निचले क्षेत्र में जल भराव से गोठड़ा, सूरवाल, अजनौटी, धनौली, मखोली, कानसीर, जैसे करीब 15 गांव जलमग्न है।

दूसरी ओर करौली जिले के सपोटरा उपखंड सहित क्षेत्र में जगह जगह पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। पांचना बांध और अन्य सभी बांध एवं नदी नाले उफान पर हैं। भारी बरसात के कारण पुलिस थाना सपोटरा में पानी भर गया है। जवानों के क्वार्टरों में भी पानी घुसने से उनका सामान भीग गया। पुराने जर्जर क्वार्टरों की दीवारें गिरने का खतरा बना हुआ है।

पिछले 24 घंटों में सपोटरा में 139 मिमी और कालीसिल बांध पर 152 मिमी बारिश दर्ज की गयी है। बारिश का प्रभाव आसपास के बांधों और नदियों पर स्पष्ट दिखाई दे रहा है। पिछले 24 घंटों में करौली जिले में कई स्थानों पर मूसलाधार बारिश से पांचना बांध में पानी की भारी आवक के कारण बांध का जल स्तर 258.30 मीटर तक पहुंच जाने के बाद इसके चार द्वार खोलकर 26 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। इस मानसून में पहली बार एक साथ इतने द्वार खोले गये हैं।

कालीसिल बांध पर खतरे के निशान से आठ फुट ऊपर पानी बह रहा है। गोरेहार नदी का पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। खूबपुरा नदी में तेज बहाव के कारण नये पुल के ऊपर से पानी गुजर रहा है। खेतों में पानी भर गया है। प्रशासन मौजूदा स्थिति पर नजर बनाए हुए है। लांगरा क्षेत्र के बुगड़ार गांव में पुलिया पार करते समय वीरसिंह जाटव (22) जाटव बह गया। भारी बारिश और तेज बहाव के चलते बचाव कार्य में परेशानी आ रही है।

करौली के सपोटरा के सिमर गांव में तीन मकान क्षतिग्रस्त हो गये। वहीं ग्राम पंचायत अमरवाड़ में एक मकान बारिश से क्षतिग्रस्त हुआ है। क्षेत्र की नदियों के ऊफान पर होने पर कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। क्षेत्र में हो रही तेज बारिश और कोटा बैराज से जल निकासी से मंडरायल से होकर गुजर रही चंबल नदी उफान पर है।कालीसिल बांध, मामचारी बांध, नीदर बांध पर चादर चल रही है। इससे प्रशासन ने लोगों से पानी से सुरक्षित दूरी बनाये रखने का आग्रह किया है।