कोलायत/स्थानीय। राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय की जर्जर होती इमारत छात्राओं के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। विद्यालय के तीन से चार कमरे पूरी तरह गिर चुके हैं, जबकि शेष दो कमरे ही किसी तरह उपयोग योग्य बचे हैं। ऐसे हालात में आठवीं तक संचालित होने वाले इस विद्यालय में आठ कक्षाओं की छात्राओं को उन्हीं दो कमरों में ठूंसकर बैठाना पड़ रहा है।गांव के समाजसेवी रामेश्वर लाल गोदारा ने बताया कि विद्यालय भवन करीब 50 साल पुराना है और अब तक इसका कोई नया निर्माण या नियमित रख-रखाव नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि जर्जर कमरों को तुरंत गिराकर नए कमरे बनवाना आवश्यक है, ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में यह एकमात्र बालिका विद्यालय है, लेकिन वर्षों से उपेक्षा के चलते स्थिति बद से बदतर हो चुकी है। मजबूरी में बालिकाओं को बड़ी कक्षाओं के लिए या तो लड़कों के विद्यालय में जाना पड़ रहा है या फिर निजी स्कूलों में महंगी फीस देकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि विद्यालय भवन का तत्काल नया निर्माण, कमरों की संख्या में वृद्धि और मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की जाए, ताकि बालिकाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण में शिक्षा मिल सके।