कोलायत। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC), अजमेर द्वारा घोषित RAS परीक्षा 2023 के अंतिम परिणाम में कोलायत उपखंड के विकास पुत्र नथाराम जी बिश्नोई ने प्रदेश भर में 10वीं रैंक प्राप्त कर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है। विकास की इस असाधारण उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि संसाधनों की कमी कभी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनती, यदि मन में जुनून और हौसला हो।
साधारण परिवार से असाधारण सफलता तक का सफर विकास एक सामान्य ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े हैं। उनके पिता नथाराम जी बिश्नोई एक ट्रक चालक हैं, जिन्होंने कठिन परिश्रम और ईमानदारी से अपने परिवार का पालन-पोषण किया। आर्थिक परिस्थितियाँ सामान्य होने के बावजूद, उन्होंने कभी भी अपने बच्चों की शिक्षा में कमी नहीं आने दी।
माता-पिता के संस्कार और प्रेरणा ने ही विकास के भीतर यह विश्वास जगाया कि “मेहनत से बढ़कर कोई पूंजी नहीं होती”।
शिक्षा और संघर्ष की कहानी
विकास ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा 10वीं तक कोलायत से तथा 12वीं तक की पढ़ाई जोधपुर से पूरी की। इसके बाद उन्होंने बी.एससी. (विज्ञान स्नातक) की डिग्री प्राप्त की और स्नातक के बाद पूरी निष्ठा से RAS परीक्षा की तैयारी में लग गए।
वर्तमान में विकास शिक्षा विभाग में एल.डी.सी. (LDC) के पद पर कार्यरत हैं। नौकरी के साथ तैयारी करना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने सीमित समय और संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग करते हुए यह उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की।
परिवार और गुरुजनों का आभार
अपनी सफलता का श्रेय विकास ने अपने माता-पिता, गुरुजनों, ईश्वर और अपने भाई रामस्वरूप को दिया। उनका कहना है कि –
“मेरे पिता की मेहनत, माँ के आशीर्वाद और गुरुजनों के मार्गदर्शन ने मुझे यह मुकाम दिया है। उनकी प्रेरणा ही मेरी सबसे बड़ी पूँजी रही है।”
क्षेत्र में हर्षोल्लास का माहौल
विकास की सफलता से पूरा कोलायत क्षेत्र गौरव और उत्साह से झूम उठा है।
गाँव-गाँव में बधाइयों का ताँता लग गया है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और समाजसेवियों ने उन्हें और उनके परिवार को हार्दिक बधाई दी है।
कोलायत क्षेत्र का गौरव — पहले SDM चयनित अधिकारी
यह कोलायत क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक क्षण है, क्योंकि विकास इस क्षेत्र से SDM (उपखण्ड अधिकारी) के रूप में चयनित होने वाले पहले उम्मीदवार बने हैं।
उनकी इस उपलब्धि ने न केवल युवाओं के लिए प्रेरणा का मार्ग प्रशस्त किया है, बल्कि यह भी सिद्ध किया है कि “यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, तो परिस्थितियाँ नहीं, संकल्प जीतता है।”
प्रेरणादायक संदेश
विकास ने कहा कि – “मैं हर उस युवा को कहना चाहता हूँ जो छोटे कस्बों और गाँवों से है — कभी अपने सपनों को छोटा मत समझो। मेहनत, अनुशासन और ईमानदारी से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।”