पशुधन ग्रामीण क्षेत्र के परिवारों की रीढ़ होता है – डॉ सतीश ढाका

कोलायत। प्लान इण्डिया द्वारा संचालित बालिका शिविर परियोजना के अंतर्गत कोटड़ी में तीन दिवसीय नीट महिलाओ के प्रशिक्षण में ब्लॉक वेटनरी हैल्थ ऑफिस कोलायत से पशु निरीक्षक डॉक्टर सतीश ढाका ने महिलाओं को पशुधन संरक्षण के बारे में जानकारी देते हुए टीकाकरण के बारे में बताया । उसके बाद नेपियर घास के बारे में चर्चा हुए बताया कि ये घास पशुओं के लिए बहुत उपयोगी है , ये घास खारे पानी में भी होता है।

NLM योजना के तहत बकरी ओर भेड़ पालन का लोन मिलता हैं जिसमें 10 प्रतिशत लाभार्थी के अंशदान से बैंक से लोन मिलता है । इसके लिए 100 मादा भेड़ ओर 05 नर भेड़ होनी चाहिए। इसके लिए भेड़ पालक को पहले प्रशिक्षण लेना होगा। प्रशिक्षण कृषि विज्ञान केंद्र बीकानेर में होगा। पशुओं के उचित संरक्षण के लिए हर छ महीने में पशु को पेट के कीड़े की दवाई पिलानी चाहिए क्योंकि पशुधन ग्रामीण क्षेत्र के परिवारों की रीढ़ होता है।

बालिका शिविर परियोजना के बारे में जानकारी देते हुए कलस्टर समन्वयक रामेश्वर चौधरी ने बताया कि कोलायत ब्लॉक में पांच बालिका शिविर चलाए जा रहे हैं। बीकानेर जिले में 450 से अधिक बालिकाएं बालिका शिविर के माध्यम से कक्षा 10 और 12 की शिक्षा ग्रहण कर रही है। कोटड़ी बालिका शिविर में कुल 39 ड्रॉप आउट बालिकाओं का नामांकन है। बालिका शिविर परियोजना का मुख्य उद्देश्य- 14 से 24 वर्ष की ड्रॉप आउट बालिकाओं का चिन्ही कारण करना और उनको राजस्थान स्टेट ओपन बोर्ड के द्वारा शिक्षा के मुख्य धारा से जोड़ना,19 से 35 वर्ष की महिलाओं को स्वरोजगार हेतु प्रशिक्षण देना और स्वरोजगार से जोड़ना,गांव स्तर पर किशोरी बालिकाओं का सखी संगम गठन करना और उनको सशक्त व मजबूत बनाना ओर बालिकाओं से जुड़े मुद्दो पर जागरूकता ओर पैरवी करना ।

नीट महिलाओ का ये प्रशिक्षण तीन दिन तक चलेगा । राजीविका कैडर नारायणी ने उपस्थित सदस्यों को स्वयं सहायता समूह गठन की प्रक्रिया के बारे जानकारी देकर बैंक से लोन लेकर स्वरोजगार स्थापित करने के बारे में जानकारी दी।इस प्रशिक्षण में कोटड़ी गांव से 40 महिलाएं भाग ले रही हैं। बालिका शिविर शिक्षिका लीला,सखी संगम सदस्य निरमा, अनु,संजू ओर अनुराधा ने भी स्वरोजगार प्रशिक्षण पर अपने विचार रखे।