कुक कम हेल्परों के मानदेय में 10 प्रतिशत की हुई बढ़ोतरी

पहले 71.43 प्रतिदिन अब 76.56 रुपए होगा मानदेय , कुक कम हेल्पर के मानदेय में 5 रुपए 13 पैसे प्रतिदिन की बढ़ोतरी

कोलायत । राज्य के शिक्षा विभाग के सरकारी स्कूलों में बनने वाले मिड डे मील योजना में मध्याह्न भोजन में काम करने वाले कुक कम हेल्परों के मानदेय में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। लेकिन वर्तमान में खाद्य सामग्री के साथ अन्य दैनिक रोजमर्रा की वस्तुओं के भाव आसमान छू रहे हों लेकिन दूसरी ओर पूरे प्रदेश में सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए मिड-डे-मील योजना में पोषाहार पकाने वाली कुक कम हेल्परों के मानदेय में बढ़ोतरी नहीं होने से उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

लेकिन,सरकार ने आखिरकार एक वर्ष के इंतजार व भारी गुणा भाग एवं जद्दोजहद के बाद 154 रु की राशि बढ़ाई है। आयुक्त मिड डे मील की ओर से सोमवार को जारी आदेश के अनुसार कुक कम हेल्पर के मानदेय में 154 रुपए की बढ़ोतरी की गई। अब कुम कम हेल्पर का मानदेय 2143 रुपए से बढ़ाकर 2297 रुपए कर दिया गया है। यह बढ़ा हुआ मानदेय 1 अप्रेल से मिलेगा। पूर्व में मात्र 71.43 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से मजदूरी मिल रही थी।

रसोई की गर्मी में तपकर बच्चों के लिए खाना बनाने का काम करने कुक कम हेल्पर का आर्थिक शोषण हो रहा था। इन्हें जो मानदेय मिल रहा था, वह अकुशल श्रमिक की न्यूनतम मजदूरी का चौथा हिस्सा भी नहीं है। उनकी इस पीड़ा को हर बार की तरह इस बार भी फिर से सरकार ने अनसुना कर दिया। कुक कम हेल्पर को सरकारों के सालाना बजट से भी काफी उम्मीद रहती है। वो मानदेय बढ़ने का इंतजार करती हैं। लेकिन, हर बजट के बाद उन्हें निराशा ही हाथ लगती है।

लेकिन, अब आखिरकार सरकार ने मानदेय में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी तो कर दी, लेकिन वास्तविक रूप में मात्र 154 रुपए ही बढ़े। सरकारी विद्यालय में कार्यरत कुक कम हेल्परों ने बताया कि पिछले काफी समय से कुक कम हेल्पर का मानदेय बढ़ाने की मांग की जा रही थी। लेकिन सरकार उनकी सुन ही नहीं रही थी। हर वर्ष सरकार 5 रुपए प्रतिदिन बढ़ाकर इतिश्री कर लेती है, लेकिन यह महंगाई के जमाने में नाकाफी है। इसके विपरीत मनरेगा योजना में श्रमिकों को 281 रुपए मजदूरी मिलती है। ऐसे में पोषाहार पकाने के लिए कुक कम हेल्पर का इंतजाम करना शिक्षकों के लिए भी टेढ़ी खीर है।

नरेगा से भी कम मिल रही मजदूरी: गौरतलब है कि राज्य सरकार ने प्रदेश में अकुशल श्रमिक की न्यूनतम मजदूरी बढ़ाकर 281 रुपए प्रतिदिन की थी। जबकि, कुक कम हेल्पर का मानदेय मात्र 2297 रुपए महीना है, यानी एक दिन के मात्र 76 रुपए, जो कि न्यूनतम मजदूरी का चौथा भाग है।

मानदेय राशि बढ़ाकर 10 हजार रुपए की जाएं : राज्य भर में सरकारी स्कूलों में मिड डे मील योजना में बनने वाले मध्याह्न भोजन में कार्य करने वाले कुक कम हेल्परों का मानदेय वर्तमान में बढ़ रही मंहगाई को देखते हुए 10 हजार रुपए प्रति माह करना चाहिए। संगठन की ओर से लगातार मानदेय बढ़ाने की मांग की जा रही है।

मोहर सिंह सलावद,प्रदेशाध्यक्ष,
शिक्षक संघ रेसटा,राजस्थान।