मुंबई। बैंको की डॉलर बिकवाली से शुक्रवार को रुपया लगातार दूसरे दिन मजबूत हुआ और 47 पैसे की बढ़त के साथ 87.1850 रुपये प्रति डॉलर पर पहुँच गया। एलकेपी सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष तथा अनुसंधान विश्लेषक जतीन त्रिवेदी ने बताया कि रुपये में तेजी के बावजूद व्यापक निवेश धारणा कमजोर बनी हुई है। आने वाले समय में भारतीय मुद्रा 87.25 से 88 रुपये प्रति डॉलर के बीच रह सकती है।
सुबह बाजार खुलते ही डॉलर की बिकवाली शुरू हो गयी। भारतीय मुद्रा 5.50 पैसे की मजबूती लेकर 87.60 रुपये प्रति डॉलर पर खुली और यही इसका दिवस का निचला स्तर रहा। यह ऊपर 87.1850 रुपये प्रति डॉलर तक गई और अंत में उसी भाव पर बंद हुई। बुधवार को ऐतिहासिक निचले स्तर पर रहने के बाद भारतीय मुद्रा लगातार दूसरे दिन मजबूत हुई है।
विदेशी संस्थागत निवेशकों ने एक बार फिर शुद्ध रूप से भारतीय पूंजी बाजार से पैसा निकाला। हालांकि निजी और सार्वजनिक बैंको की डॉलर बिकवाली से रुपए को बल मिला। त्रिवेदी ने बताया कि अमेरिका द्वारा भारत पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त आयात शुल्क लगाने के आदेश के बाद बाजार में निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है, जिससे भारतीय मुद्रा पिछले कुछ दिनों से दबाव में है।