गाँधी परिवार के इशारे पर भागवत को गिरफ्तार करने का बनाया गया था दबाव – भाजपा

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मालेगांव बम विस्फोट के मुद्दे पर कांग्रेस और गांधी परिवार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा है कि गांधी परिवार के दबाव में तत्कालीन सरकार ने वरिष्ठ अधिकारियों से हिन्दू आतंकवाद के मुद्दे को आगे बढ़ाने और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत को गिरफ्तार करने को कहा था।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने शुक्रवार को पार्टी मुख्यालय में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मालेगांव विस्फोट मामले की जांच करने वाले आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) के अधिकारी महबूब मुजावर ने खुलासा किया है कि उनके वरिष्ठ अधिकारियों और सरकार के वरिष्ठ नेताओं ने उन पर ‘भगवा आतंकवाद’ के मुद्दे को आगे बढ़ाने और श्री भागवत को गिरफ्तार करने के लिए भारी दबाव डाला था। उन्होंने कहा कि भागवत का नाम न तो आरोपत्र में था और न ही इस मामले में अन्य किसी जगह पर था।

भाजपा नेता ने कहा कि संविधान का हवाला देते हुए मुजावर ने भागवत को गिरफ्तार करने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा कि इसके बाद श्री मुजावर पर उनके वरिष्ठ अधिकारियों ने कुछ संगीन आरोप लगाये, जिसके कारण उनकी पदोन्नति रोक दी गयी। बाद में उन्हें उन पर लगाये गये आरोपों से अदालत ने बरी कर दिया।

पात्रा ने कहा, “यह तत्कालीन कांग्रेस सरकार के प्रतिशोधात्मक रवैये को दर्शाता है। यह सब गांधी परिवार के आदेश पर हो रहा था।” भाजपा सांसद ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर पर बहस के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्पष्ट कहा कि एक बहुत वरिष्ठ नेता हैं जिन्होंने अमेरिका जाकर उनकी जासूसी एजेंसियों से कहा कि भगवा आतंकवाद भारत के लिए सिमी से भी बड़ा खतरा है। आप जानते हैं कि वह वरिष्ठ नेता कौन हैं, जिन्होंने अमेरिकी राजदूत से कहा कि हिन्दू आतंकवाद भारत के लिए सबसे बड़ा खतरा है। यह वोट बैंक की राजनीति के लिए गांधी परिवार का एजेंडा था।”

उन्होंने कहा कि तत्कालीन गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने एक सम्मेलन में ‘भगवा आतंकवाद’ शब्द का इस्तेमाल किया था लेकिन कुछ साल पहले जब उनसे पूछा गया था कि क्या उन्हें अब भी लगता है कि ‘भगवा आतंकवाद’ शब्द का इस्तेमाल करना सही है, तो श्री शिंदे ने मुस्कुराते हुए कहा था कि उन्हें पार्टी नेतृत्व द्वारा इस शब्द का इस्तेमाल करने के लिए कहा गया था। उन्होंने कहा, “हम सभी जानते हैं कि वह किसके बारे में बात कर रहे थे। गांधी परिवार ने उन पर ‘भगवा आतंकवाद’ शब्द का इस्तेमाल करने के लिए दबाव डाला था।” उन्होंने कहा, “मालेगांव विस्फोट मामले में कांग्रेस पार्टी ने 17 वर्षों तक ‘सेना, संत, सनातन और संविधान’ पर निरंतर आक्रमण किया।”

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