तूफान मेलिसा के कारण 30 लोगों की मौत, 15 लाख प्रभावित – संयुक्त राष्ट्र

संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि जमैका और आसपास के इलाकों में आए भीषण चक्रवाती तूफान मेलिसा ने भारी तबाही मचायी है और इसके कारण 30 लोगों की मौत हो गयी और 15 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव के उप प्रवक्ता फरहान हक ने बताया कि जमैका में सड़कें, बिजली और संचार व्यवस्था बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। लगभग एक सौ तीस सड़कें अवरुद्ध हैं और कई क्षेत्रों में बिजली तथा मोबाइल नेटवर्क ठप पड़े हैं। स्वास्थ्य सेवाओं पर भी इसका गंभीर असर पड़ा है क्योंकि कई अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह नष्ट या क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

 


संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम का अनुमान है कि जमैका में लगभग साढ़े तीन लाख लोगों को खाद्य पदार्थों की सहायता की आवश्यकता पड़ सकती है। इसी के साथ संयुक्त राष्ट्र की आपदा मूल्यांकन और समन्वय टीम राहत कार्यों का संचालन कर रही है और जमैका सरकार के साथ मिलकर सहायता पहुंचाने का प्रयास कर रही है। हैती में भी स्थिति बेहद गंभीर है। तूफान ने कृषि और मछली पालन, दोनों क्षेत्रों को गहरी क्षति पहुंचाई है। खाद्य और कृषि संगठन के अनुसार राजमा, मक्का और फलों की फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। इसके अलावा मछली पकड़ने के ढांचे को भी नुकसान हुआ है जिससे देश में भुखमरी की समस्या और बढ़ने की आशंका है। पहले से ही हैती की आधी आबादी खाद्य असुरक्षा से जूझ रही है और अब यह तूफान उस संकट को और गहरा कर सकता है। संयुक्त राष्ट्र और उसके साझेदार संगठन राहत और पुनर्वास के प्रयासों को तेज कर रहे हैं ताकि जरूरतमंद लोगों तक शीघ्र सहायता पहुंच सके।