श्रीकोलायत। आगामी कार्तिक पूर्णिमा पर्व 5 नवम्बर पर लगने वाला श्री कपिल मुनि मेला इस बार और भी दिव्य, भव्य और यादगार रूप में आयोजित होने जा रहा है। लोक लाड़ले विधायक अंशुमान सिंह भाटी बीकानेर जिले की ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी श्रीकोलायत में मेले की तैयारियों को लेकर लगातार सक्रिय हैं।
विधायक भाटी ने बीते दिनों कपिल सरोवर परिसर, मंदिर क्षेत्र और आसपास के घाटों का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने उपखण्ड अधिकारी, विकास अधिकारी, पुलिस प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, सरपंचों और सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर मेले की व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा की। भाटी ने कहा कि इस बार का श्री कपिल मुनि मेला केवल धार्मिक आस्था का नहीं, बल्कि सांस्कृतिक सौंदर्य और व्यवस्थागत उत्कृष्टता का प्रतीक बनेगा। उन्होंने सभी विभागों को समन्वयपूर्वक कार्य करने के निर्देश दिए ताकि श्रद्धालुओं और आगंतुकों को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण में दर्शन व स्नान का अवसर मिल सके।

इस वर्ष मेले में विशेष आकर्षण देखने को मिलेंगे। मुख्य घाट और जनाना घाट को हेरिटेज लुक में सजाया जा रहा है। झझू चौराहे से कपिल सरोवर तक आकर्षक कॉरिडोर तैयार किया जाएगा, जबकि टेचरी फांटा से कोलायत तक लाइटिंग की सुंदर व्यवस्था होगी। उपजिला अस्पताल, ग्राम पंचायत भवन और तहसील कार्यालय के सामने सजावटी प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे। पंच मंदिर और बारह महादेव मंदिर में विशेष सजावट और फायरवर्क की तैयारी की जा रही है। सरोवर परिसर के सभी मंदिरों, छतरियों और वृक्षों को एक समान लाइटिंग से सजाया जाएगा, जिससे पूरा सरोवर क्षेत्र एक आभामय दृश्य प्रस्तुत करेगा।
सरोवर परिक्रमा मार्ग का समतलीकरण, सफाई और जलकुंभी हटाने का कार्य तेज़ी से जारी है। प्रत्येक घाट की सफाई के लिए पंचायतवार जिम्मेदारी तय की गई है। बिजली, पानी, सुरक्षा और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो।
विधायक अंशुमान सिंह भाटी ने कहा कि “हमारा उद्देश्य है कि इस वर्ष का कार्तिक पूर्णिमा मेला धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक सौंदर्य और व्यवस्थागत उत्कृष्टता का संगम बने। कपिल मुनि की तपोभूमि को हम राज्य स्तरीय पर्यटन आयोजन के रूप में विकसित करना चाहते हैं ताकि कोलायत की पहचान पुष्कर की तरह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक उज्ज्वल हो सके।”
मेले को लेकर श्रीकोलायत और आसपास के गांवों में भारी उत्साह का माहौल है। मंदिर परिसर, घाटों और मुख्य मार्गों पर रंगाई-पुताई, लाइटिंग और सजावट का कार्य तेजी से चल रहा है। व्यापारी, समाजसेवी और स्थानीय संगठन श्रद्धालुओं के स्वागत की तैयारियों में जुटे हुए हैं।
इस बार का श्री कपिल मुनि मेला केवल भक्ति और आस्था का प्रतीक नहीं रहेगा, बल्कि यह कोलायत को राजस्थान के धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन मानचित्र पर नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का अवसर भी प्रदान करेगा।