श्रीकोलायत। आस्था, अनुशासन और सूर्योपासना के पर्व छठ की तैयारियाँ श्रीकोलायत में पूरी कर ली गई हैं। कपिल सरोवर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएँ की जा रही हैं। आयोजन समिति के सदस्य छोटू यादव ने बताया कि इस बार छठ पर्व भव्य रूप में मनाया जाएगा, जिसमें आसपास के ग्रामीण अंचलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेंगे।
छोटू यादव ने बताया कि शनिवार को पारंपरिक प्रसाद तैयार किया जाएगा, जिसमें ठेकुआ, फल और अन्य पूजा सामग्री बनाई जाएगी। महिलाएँ सुबह से ही छठ मैया की पूजा-अर्चना की तैयारी में जुट जाएँगी। इसके बाद रविवार की सुबह कपिल सरोवर में स्नान और अर्घ्य का आयोजन होगा। श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों की धुन पर छठ गीतों के साथ सरोवर की परिक्रमा करेंगे और अस्ताचल सूर्य को अर्घ्य अर्पित करेंगे।
कपिल सरोवर बना धार्मिक आस्था का केंद्र
छठ पर्व के अवसर पर कपिल सरोवर के घाटों को सजाया जा रहा है। सफाई व्यवस्था को लेकर ग्राम पंचायत और स्थानीय प्रशासन सक्रिय है। सरोवर के सभी प्रमुख घाटों पर दीप सज्जा की जाएगी, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और सुव्यवस्थित तरीके से पूजा कर सकें।
श्रद्धालु उत्साहित, समितियाँ तैयारियों में जुटी
आयोजन समिति, महिला मंडल और स्थानीय समाजसेवियों की टीमें श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कार्य कर रही हैं। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भी अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती की योजना बनाई है।
छोटू यादव ने बताया कि कपिल सरोवर पर हर वर्ष की भांति इस बार भी छठ पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि छठ पर्व केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सूर्योपासना और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक है, जो लोगों में अनुशासन, संयम और सामूहिकता का संदेश देता है।
पर्यटन और संस्कृति का संगम
कपिल सरोवर पर छठ पर्व के दौरान स्थानीय संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में गीत गाते हुए सरोवर पर पहुँचते हैं, जिससे पूरा क्षेत्र धार्मिक वातावरण में डूब जाता है। कई श्रद्धालु परिवारों सहित दो दिन पहले से ही कोलायत पहुँच रहे हैं, ताकि पर्व का आनंद शांतिपूर्वक ले सकें।
छोटू यादव ने बताया कि “छठ मैया की कृपा से हर साल यह आयोजन और भी भव्य बनता जा रहा है। इस बार भी कपिल सरोवर पर श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का संगम देखने को मिलेगा।”