जयपुर। राजस्थान के डीग जिले के जुरहरा थाने में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां पुलिसकर्मियों ने साइबर ठगों को थाने में दावत दी. इस घटना ने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है. डीग के पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश मीणा ने तुरंत एक्शन लेते हुए हैंड कांस्टेबल प्रेम चंद शर्मा और कांस्टेबल केशव को निलंबित कर दिया. साथ ही थाना अधिकारी अमित चौधरी को लाइन हाजिर किया गया है।
एसपी ने बातचीत में साफ कहा कि कोई भी पुलिसकर्मी अगर साइबर ठगों या अपराधियों से मिलीभगत करेगा या थाने में ऐसी पार्टियां करेगा तो उसके खिलाफ विभागीय स्तर पर कड़ी कार्रवाई होगी. उन्होंने चेतावनी दी कि आगे अगर कोई कर्मी अपने कर्तव्य में लापरवाही बरतेगा तो सजा तय है।
23 दिसंबर की घटना ने खोली पोल:
यह पूरा मामला 23 दिसंबर का है जब कांस्टेबल केशव के प्रमोशन के जश्न में जुरहरा थाने में पार्टी का आयोजन किया गया. इस पार्टी में साइबर ठग सकील तोहिद उमर भी शामिल हो गए. ये ठग थाने में पुलिसकर्मियों के साथ बैठकर खाना खा रहे थे. इतना ही नहीं उन्होंने खुद वीडियो रिकॉर्ड की जिसमें वे थाने के अंदर अपना रौब दिखा रहे थे. इस वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड कर उन्होंने अपना दबदबा जताया. वीडियो वायरल होते ही डीग एसपी ने मामले की जांच शुरू की और दोषियों पर शिकंजा कसा।
ठग सकील का थाने आना बना वजह:
एसपी ने बताया कि सकील साइबर ठगी के एक मामले में आरोपी है. कोर्ट ने उसे जमानत पर रिहा किया है और हर महीने जुरहरा थाने में हस्ताक्षर कर हाजिरी लगाने का आदेश दिया है. 23 दिसंबर को वह हस्ताक्षर करने थाने पहुंचा था. उसी वक्त थाने में पार्टी चल रही थी. सकील वहां रुक गया खाना खाया और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया. इस घटना ने पुलिस की साख पर सवाल उठाए हैं. एसपी मीणा ने कहा कि ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पुलिस को अपराधियों से दूर रहना चाहिए. यह कार्रवाई एक मिसाल बनेगी ताकि भविष्य में कोई ऐसा न करें. इलाके के लोग अब उम्मीद कर रहे हैं कि पुलिस अपनी छवि सुधारेगी और अपराध पर लगाम लगाएगी।