राजस्व अनियमितताओं का मामला फिर उठा, ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपा, देखें वीडियो

श्रीकोलायत। मोखां गाँव की राजस्व अनियमितताओं का मामला फिर उठा, ग्रामीणों ने तहसीलदार को भी ज्ञापन सौंपा। मोखां गाँव से जुड़े राजस्व एवं प्रशासनिक अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों की आवाज अब लगातार तेज होती जा रही है। यह मुद्दा प्रदेश स्तर पर पहुंचने के बाद गुरुवार को एक बार फिर प्रमुखता से उठा, जब ग्रामीणों के प्रतिनिधि मंडल ने श्रीकोलायत तहसीलदार व एस डी एम को ज्ञापन सौंपकर न्याय की मांग दोहराई।

इससे पहले प्रतिनिधि मंडल ने जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय जाकर प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ को ज्ञापन सौंपा था। यह ज्ञापन रामरतन मेघवाल, मंडल महामंत्री भाजपा (कोलायत) के नेतृत्व में दिया गया था। अब उसी श्रृंखला में तहसील स्तर पर भी विरोध और समाधान की मांग को गंभीरता से उठाया गया है।

ग्रामीणों ने ज्ञापन में आरोप लगाया है कि मोखां गाँव की राजस्व सीमा, जनसंख्या और ग्राम पंचायत गठन की प्रक्रियाओं में गंभीर भ्रांतियाँ और अनियमितताएँ बरती गई हैं। उनका कहना है कि नवसृजित राजस्व गाँव डंडी के नियमन में झझू की राजस्व भूमि और मोखां की जनसंख्या को गलत तरीके से डंडी गाँव में जोड़ दिया गया, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण और असंवैधानिक है।

रामरतन मेघवाल ने बताया कि ग्रामीण लंबे समय से इस मुद्दे पर परेशान हैं और कई बार स्थानीय प्रशासन, राजस्व अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों को शिकायत देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने तहसीलदार से मांग की कि इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराते हुए गलत राजस्व रिकॉर्ड और प्रक्रियाओं को तत्काल प्रभाव से सही किया जाए, ताकि मोखां के ग्रामीणों को न्याय मिल सके।

प्रतिनिधि मंडल में रामकिशन सियाग, श्यामदास रामावत, सोहन कडेला, पुनमचंद सहित अन्य ग्रामीण भी उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने चेताया कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा तथा उच्चस्तरीय जांच के लिए आगे भी दबाव बनाया जाएगा।