कोलायत। ग्राम पंचायत झझू के ग्रामीणों ने मंगलवार को जिला कलेक्टर बीकानेर को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि झझू ग्राम पंचायत को नवगठित पंचायत समिति हंदा में शामिल करने के निर्णय को वापस लेते हुए पुनः पंचायत समिति कोलायत में ही यथावत रखा जाए। ग्रामीणों का कहना है कि हाल ही में हुए परिसीमन में झझू को हंदा में शामिल करना क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों और प्रशासनिक सुविधा के बिल्कुल विपरीत है।
ग्रामीणों ने बताया कि झझू से कोलायत मात्र 8 किलोमीटर दूरी पर है, जबकि हंदा लगभग 20 किलोमीटर दूर पड़ता है। ऐसे में आमजन के लिए उपखण्ड कार्यालय, राजस्व तहसील, पुलिस थाना, न्यायालय, विद्युत व जलदाय विभाग सहित अन्य सभी आवश्यक प्रशासनिक कार्य कोलायत में ही संपादित होते आए हैं। पंचायत समिति हडा में शामिल होने पर ग्रामीणों को केवल समिति संबंधी कार्य के लिए 20 किलोमीटर अतिरिक्त यात्रा करनी पड़ेगी, जो जनसुविधा के विरुद्ध है।
उन्होंने यह भी कहा कि नई पंचायत समितियों के गठन हेतु न्यूनतम 15 ग्राम पंचायतों का प्रावधान है, जबकि हडा समिति में 18 पंचायतों को जोड़ दिया गया है, जिससे झझू का वहां सम्मिलन संतुलित प्रशासनिक ढांचे के अनुरूप नहीं माना जा सकता। ग्रामीणों ने इस निर्णय की समीक्षा कर झझू ग्राम पंचायत को कोलायत में पूर्ववत रखने की मांग रखी।
ज्ञापन सौंपने वालों में झझू प्रशासक घमूराम नायक, युवा नेता भंवर सिंह बाला, मोहनलाल कांटीया, भंवरलाल गोदारा, प्रतापराम कांटीया, वार्ड पंच प्रतिनिधि ईश्वरराम नायक, वार्ड पंच बिहारीलाल पुरोहित, वार्ड पंच चतराराम कांटीया, एडवोकेट किशनगोपाल मेघवाल, महावीर सेठिया, फरीद ठेकेदार, हसन ठेकेदार, वार्ड पंच मांगीलाल जीनगर, शिवचंद भार्गव, महावीर जीनगर, वार्ड पंच दुलीचंद मेघवाल, शिवलाल जीनगर, गोपीराम कांटीया, ओमप्रकाश जीनगर, आदर्श युवा संगठन अध्यक्ष रुपेश जीनगर, कालू खां कसाई, गणेश भार्गव सहित कई ग्रामीण शामिल थे। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अपेक्षा जताई कि जनसुविधा और तर्कसंगत दूरी को ध्यान में रखते हुए झझू ग्राम पंचायत को कोलायत पंचायत समिति में ही यथावत रखा जाए।