कोलायत। न्यायिक प्रक्रिया की सुचारू कार्यप्रणाली और अभियोजन कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कार्यालय सहायक अभियोजन अधिकारी, न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं ग्राम न्यायालय कोलायत का वार्षिक निरीक्षण बुधवार को सम्पन्न हुआ। इस निरीक्षण का नेतृत्व भगवान सिंह राठौड़, उप निदेशक अभियोजन, बीकानेर ने किया।
अधिकारियों व अधिवक्ताओं ने किया स्वागत
निरीक्षण के दौरान सहायक अभियोजन अधिकारी प्रमोद थोरी, ज्योत्सना व्यास वरिष्ठ एडवोकेट ओम आचार्य नरेंद्र बेनीवाल चोरु लाल मेघवाल सहित न्यायालय से जुड़े अधिवक्तागणों ने उप निदेशक राठौड़ का स्वागत किया। स्वागत के उपरांत न्यायालय से संबंधित विभिन्न अभिलेखों, प्रकरणों तथा कार्यप्रवाह की जानकारी विस्तृत रूप से प्रस्तुत की गई।
अभियोजन कार्यों की स्थिति का लिया प्रत्यक्ष आकलन
उप निदेशक राठौड़ ने न्यायालय परिसर का निरीक्षण करते हुए लंबित मामलों, अभियोजन कार्यों की प्रगति तथा रिकॉर्ड संधारण से जुड़े पहलुओं का अवलोकन किया। उन्होंने न्यायालय में चल रहे विभिन्न मामलों की स्थिति, प्रस्तुत रिपोर्टों, केस डायरी, समयबद्ध अनुसंधान एवं अभियोजन समन्वय की कार्यप्रणाली को भी जांचा।
अधिकारियों से संवाद करते हुए उन्होंने समय पर केस तैयार करने, साक्ष्यों की गुणवत्ता सुधारने तथा पीड़ित–गवाह सहयोग को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
व्यवस्थाओं में सुधार हेतु दिए आवश्यक निर्देश
निरीक्षण के दौरान न्यायालय भवन की व्यवस्थाओं, अभिलेखागार के रखरखाव, तकनीकी संसाधनों के उपयोग तथा ई-कोर्ट संबंधित प्रक्रियाओं पर भी चर्चा की गई। उप निदेशक ने कहा कि अभियोजन कार्य न्यायिक व्यवस्था की रीढ़ है, अतः इसके हर चरण में पारदर्शिता, अनुशासन और त्वरित कार्रवाई आवश्यक है। उन्होंने समस्त कर्मचारियों को कार्य में निरंतरता और दक्षता बनाए रखने की सलाह दी।
निरीक्षण के सफल आयोजन पर संतुष्टि व्यक्त
अंत में उप निदेशक राठौड़ ने सहायक अभियोजन अधिकारियों एवं अधिवक्ताओं द्वारा किए गए स्वागत और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया तथा व्यवस्था को संतोषजनक बताते हुए सुधारात्मक सुझाव भी दिए।
निरीक्षण के दौरान न्यायालय परिसर में अनुशासनपूर्ण एवं औपचारिक वातावरण बना रहा। यह वार्षिक निरीक्षण न्यायिक कार्यों की गुणवत्ता और दक्षता को सुदृढ़ करने में सहायक माना जा रहा है।