संविधान दिवस पर ‘एक राष्ट्र, एक प्रस्तावना’ कार्यक्रम भव्य रूप से आयोजित

कोलायत। संविधान दिवस के उपलक्ष में सोमवार को जन शिक्षण संस्थान की ओर से श्री कोलायत स्थित तरुण कम्प्यूटर प्रशिक्षण केंद्र में ‘एक राष्ट्र, एक प्रस्तावना’ कार्यक्रम का आयोजन पूरे उत्साह, गरिमा और संवैधानिक चेतना के वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं, महिलाओं और नागरिकों में संविधान के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उसके मूल्यों को जीवन में आत्मसात करने की प्रेरणा देना रहा। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं संस्थान के निदेशक ओम प्रकाश सुथार ने कहा कि “भारत का संविधान केवल कानूनों का दस्तावेज नहीं, बल्कि देश की आत्मा है। संविधान हमें यह दिशा देता है कि हम राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए कर्तव्यनिष्ठ और आदर्श नागरिक बनें।

 

”उन्होंने संविधान के निर्माण, उद्देश्य और विशेषताओं पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि देश के हर नागरिक को अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का भी ईमानदारी से पालन करना चाहिए। सुथार ने युवाओं को देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सजग रहने का आह्वान किया। सहायक कार्यक्रम अधिकारी उमाशंकर आचार्य ने संविधान की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 26 नवंबर 1949 को संविधान को औपचारिक रूप से अंगीकृत किया गया था, जबकि 26 जनवरी 1950 को इसे लागू किया गया। इसी दिन से देश गणतंत्र बना, इसलिए यह तिथि आज राष्ट्रीय पर्व के रूप में महत्वपूर्ण है।

 

संस्थान की रिसोर्स पर्सन तरुण राठौड़ ने संविधान दिवस के महत्व को बताते हुए कहा कि एक सशक्त लोकतंत्र तभी संभव है जब नागरिक अपने अधिकारों, स्वतंत्रताओं और जिम्मेदारियों को भलीभांति समझें। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे संविधान में निहित मूल्यों—न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व—को अपने व्यवहार में उतारें।प्रशिक्षिका सुलोचना राठौर ने महिलाओं की भूमिका पर बल देते हुए कहा कि मातृशक्ति ही परिवार और समाज में पहली शिक्षिका होती है। इसलिए बच्चों में संविधान के आदर्शों का संस्कार डालना हर माता का पवित्र कर्तव्य है।

 

कार्यक्रम में उपस्थित किरण, नीलम, टीना, रूपा, कौशल्या, संतोष, भाग्यश्री, राधा, कविता, रणविजय, पूनमचंद, सूभान अली, धनश्याम सहित अनेक छात्र-छात्राओं ने मानव श्रृंखला बनाकर सामूहिक रूप से संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया। इस अवसर पर छात्रों ने संविधान की धारा-धारा को समझने और उसे जीवन में लागू करने का संकल्प भी लिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान संविधान की प्रस्तावना, राष्ट्रीय एकता, कर्तव्यों की महत्ता और लोकतांत्रिक मूल्यों का संदेश प्रभावी रूप से गूंजता रहा। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रहित और संविधान सर्वोपरि रखने की प्रतिज्ञा के साथ किया गया।