उदयपुर। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा है कि पर्यटन एक ऐसा क्षेत्र है जो न केवल रोजगार और अर्थव्यवस्था को बढ़ाता है बल्कि भारत की सांस्कृतिक छवि को विश्व मंच पर सशक्त बनाता है। श्री शेखावत मंगलवार से यहां प्रारंभ हुए दो दिवसीय नेशनल टूरिज्म कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन सत्र में बाेलते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि यह सत्र केवल एक सम्मेलन भर नहीं है बल्कि विचारों के आदान-प्रदान का एक अद्भुत अवसर है। आज विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधि और प्रतिभागी यह दिखा रहे हैं कि वे किस तरह नए और नवाचारी विचारों पर काम कर रहे हैं। यह समझना भी रोचक है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में पर्यटन स्थलों के विकास को लेकर जो सोच विकसित हो रही है, वह कितनी विविध और रचनात्मक है।
उन्होंने कहा कि देश के अनेक राज्यों में कई ऐसे पर्यटन स्थल हैं जहां समान प्रकार के अनुभव और थीम देखने को मिलते हैं। यदि किसी राज्य ने किसी नए “आइकॉनिक डेस्टिनेशन” का विचार प्रस्तुत किया है तो कई बार दूसरे राज्यों में वैसा अनुभव पहले से मौजूद होता है। ऐसे में इस मंच से विचारों का साझा करना सभी के लिए उपयोगी रहेगा। इससे राज्यों को अपने-अपने पर्यटन मॉडल को और मजबूत करने, उन्हें नए सिरे से विकसित करने और एक-दूसरे से सीखने का अवसर मिलेगा। श्री शेखावत ने कहा कि यह सम्मेलन हम सबके लिए एक आंखें खोल देने वाला अनुभव साबित होगा। यह विचार-विनिमय न केवल पर्यटन क्षेत्र के विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा बल्कि भारत को वैश्विक स्तर पर एक नए रूप में प्रस्तुत करेगा। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की दूरदृष्टि से प्रेरित है और भारत के भविष्य को आकार देने में बड़ी भूमिका निभाएगी।