नोखा, बीकानेर । राजस्थान के विधिक एवं वाणिज्यिक परिदृश्य में एक ऐतिहासिक पहल के अंतर्गत राज्य का पहला समर्पित अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र 27 नवंबर 2025 को नोखा, बीकानेर में गौतम लॉ चैंबर की पहल से औपचारिक रूप से स्थापित किया गया।
यह केंद्र राज्य में वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR) व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। केंद्र का उद्देश्य घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक तथा दीवानी विवादों के निपटारे हेतु एक विश्व-स्तरीय, निष्पक्ष एवं पेशेवर मंच उपलब्ध कराना है।
यह अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र इंडो-यूएस आर्बिट्रेशन काउंसिल के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता सेवाएँ भी प्रदान करेगा, जिससे सीमा-पार वाणिज्यिक विवादों का समाधान अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रभावी एवं विश्वसनीय ढंग से किया जा सकेगा।
केंद्र का प्रमुख उद्देश्य लंबित दीवानी एवं वाणिज्यिक मामलों के शीघ्र निस्तारण हेतु पारंपरिक न्यायालय प्रणाली का एक समयबद्ध, किफायती एवं प्रभावी विकल्प प्रदान करना है। इस हेतु केंद्र में सेवानिवृत्त न्यायाधीशों, वरिष्ठ अधिवक्ताओं एवं अनुभवी विधि विशेषज्ञों की सेवाएँ ली जाएँगी, जिससे निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।
प्रमुख सेवाएँ
मध्यस्थता (Arbitration)
सुलह (Mediation)
मेड-आर्ब (Med-Arb)
आर्ब-मेड-आर्ब (Arb-Med-Arb)
सभी कार्यवाहियाँ प्रत्यक्ष (In-Person), वर्चुअल एवं हाइब्रिड माध्यमों से संचालित की जाएँगी, जिससे देश-विदेश के पक्षकारों को सुविधा प्राप्त होगी।
इस अवसर पर गौतम लॉ चैंबर के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह केंद्र भारत को एक वैश्विक मध्यस्थता गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक सशक्त प्रयास है तथा इससे विदेशी मध्यस्थता संस्थानों पर निर्भरता कम होगी।
नोखा, बीकानेर में स्थापित यह अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र न केवल न्यायिक लंबित मामलों को कम करने में सहायक होगा, बल्कि निवेशकों का विश्वास बढ़ाने एवं व्यवसाय सुगमता को प्रोत्साहित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।