अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी अपने मध्यस्थ के मार्फत 3.30 लाख रूपये की रिश्वत राशि लेते गिरफ्तार

जयपुर। ए.सी.बी. मुख्यालय के निर्देश पर ए.सी.बी. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो भीलवाडा -प्रथम द्वारा आज कार्यवाही करते हुये नरेन्द्र कुमार लखारा हाल अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी, कार्यालय उप श्रम आयुक्त भीलवाडा एवं अशोक कुमार आचार्य (प्राईवेट व्यक्ति) द्वारा परिवादी की सास के नाम 02 एफडीआर राशि 4.00 लाख रूपये को समय पूर्व तुडवाने की ऐवज में 10 प्रतिशत रिश्वत राशि के हिसाब से कुल 40,000/- रूपये रिश्वत की मांग की तथा 10,000 रूपये अशोक कुमार आचार्य (प्राईवेट व्यक्ति) द्वारा परिवादी के काम को नरेन्द्र कुमार एएओ से करवाने की ऐवज में मांग की।

जिस पर दिनांक 10.09.2025 को परिवादी को श्री नरेन्द्र कुमार लखारा एएओ एवं अशोक कुमार (प्राईवेट व्यक्ति) के पास कार्यालय उप श्रम आयुक्त, भीलवाडा के पास भिजवाकर रिश्वत राशि मांग सत्यापन करवाया गया तो आरोपी नरेन्द्र कुमार एएओ नें 4.00 लाख रूपये एफडीआर राशि की 10 प्रतिशत के हिसाब से 40,000/- रूपये की मांग की गई। परिवादी द्वारा निवेदन करने पर 30,000/- रूपये एएओ नें स्वयं के लिए तथा 10,000/- रूपये अशोक कुमार द्वारा मांग की गई तथा रिश्वत राशि प्राईवेट व्यक्ति अशोक कुमार के पास जमा कराने के लिये कहा। मांग के अनुसरण में आज दिनांक 11.09.2025 को अशोक कुमार (प्राईवेट व्यक्ति) द्वारा 33000/- रूपये रिश्वत राशि परिवादी से ग्रहण कर नरेन्द्र कुमार एएओ की कार्यालय अलमारी में रखी, जहां से रिश्वत राशि बरामद की गई है।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि ए.सी.बी. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो भीलवाडा-प्रथम को एक शिकायत इस आशय की मिली कि परिवादी को अपने साले की डेथ क्लेम की एफडीआर समय पूर्व तुडवाने के कार्य की ऐवज में रिश्वत राशि की मांग कर परेशान किया जा रहा था।

जिस पर एसीबी अजमेर रेंज के उप महानिरीक्षक अनिल कयाल के सुपरवीजन में ए.सी.बी. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो भीलवाडा-प्रथम के नेतृत्व में आज दिनांक 11.09.2025 को पारसमल, उप अधीक्षक, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो भीलवाडा-प्रथम ने ट्रेप कार्यवाही करते हुए आरोपी नरेन्द्र कुमार लखारा एवं अशोक कुमार आचार्य (प्राईवेट व्यक्ति) द्वारा 33000/- रूपये ग्रहण किये, जो आरोपी नरेन्द्र कुमार की कार्यालय अलमारी से बरामद किये गये।

आरोपी से पूछताछ तथा कार्यवाही जारी है। एसीबी द्वारा मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत प्रकरण दर्जकर अग्रिम अनुसंधान किया जायेगा।