
कोलायत. कोलायत कस्बे और बाजार में सीवरेज लाइन नहीं होना अब एक विकराल समस्या का रूप लेता जा रहा है। उपखण्ड मुख्यालय के चारों ओर सरकारी जमीन, वन विभाग की भूमि, निजी खेत और कपिल सरोवर का कैचमेंट क्षेत्र होने से सीवरेज बहाव की दिशा तय करना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। बारिश स के दिनों में तो जलनिकासी की परेशानी और ज्यादा गहरा जाती है। घरों से निकलने वाला गंदा पानी और बरसाती पानी एक साथ बहकर पवित्र सरोवर की तरफ बहने से आस्था पर भी चोट करता है।
ग्राम पंचायत से अंबेडकर सर्किल तक का सड़क निर्माण कार्य भी रोक दिया गया है। यहां पहले सीवरेज लाइन बिछाने की आवश्यकता जताई गई है। ग्राम पंचायत, स्थानीय प्रशासन और क्षेत्रीय विधायक अंशुमान सिंह भाटी को इस विषय में कई बार अवगत करवाया गया, लेकिन समाधान अब तक अधर में है।
समस्या की अनदेखी, सतही काम
पिछले सोमवार को कपिल सरोवर के सौंदर्यकरण को लेकर हुई बैठक में जब ग्रामीणों ने गंदले पानी और मूल सीवरेज समस्या को उठाने की कोशिश की, तो उन्हें चर्चा का मौका नहीं दिया गया।। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार मूलभूत समस्याओं को दरकिनार कर केवल सतही मुद्दों पर ध्यान दिया जा रहा है, जिससे आमजन की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
बारिश में बिगड़ते हालत
बरसात का मौसम आते ही यह समस्या और गंभीर हो जाती है। हर वर्ष निचले क्षेत्रों में पानी भराव के कारण लोगों के घरों और दुकानों में पानी घुस जाता है, जिससे हजारों रुपये का नुकसान होता है। झझु चौराहा क्षेत्र में स्थित कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और दुकानों का गंदा पानी सरोवर के बहाव क्षेत्र में मिल जाता है, जो न केवल पर्यावरणीय संकट है, बल्कि धार्मिक भावनाओं को भी ठेस पहुंचाता है।
ग्राम पंचायत द्वारा पूर्व में गुरुद्वारा क्षेत्र में सीवरेज लाइन डाली गई थी, लेकिन वह भी स्थायी समाधान नहीं दे पाई। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि यह समस्या सिर्फ पाइप बिछा देने से नहीं सुलझेगी, इसके लिए सुव्यवस्थित योजना, उच्च स्तरीय तकनीकी अध्ययन और अधिकारियों से गंभीर विमर्श आवश्यक है। यदि समय रहते इस विषय पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में इसका खामियाजा आमजन को उठाना पड़ेगा।
यह करने की दरकार
– सीवरेज बहाव की स्थायी दिशा तय करने हेतु उच्च स्तरीय तकनीकी सर्वे।
– सभी संबंधित विभागों की संयुक्त बैठक बुलाकर कार्य योजना बनाना।
– सरोवर की धार्मिक पवित्रता की रक्षा करते हुए जल प्रवाह का उचित समाधान।
– सड़क निर्माण से पूर्व सीवरेज योजना का कार्यान्वयन।